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अक्षय तृतीया पर गोविंदपुर में छात्राओं ने निकाली भव्य शोभायात्रा, बाल विवाह के खिलाफ चलाया जागरूकता अभियान

अक्षय तृतीया पर गोविंदपुर में छात्राओं ने निकाली भव्य शोभायात्रा, बाल विवाह के खिलाफ चलाया जागरूकता अभियान


नवादा।
नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर थाना क्षेत्र से समाज के लिए एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। आगामी 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, गोविंदपुर की छात्राओं ने बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता फैलाने हेतु भव्य शोभायात्रा निकाली।

विद्यालय की वार्डन बिंदु देवी के नेतृत्व में आयोजित इस शोभायात्रा में सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां और होठों पर बाल विवाह विरोधी नारों के साथ छात्राओं ने पूरे गोविंदपुर बाजार का भ्रमण किया।

शोभायात्रा का मार्ग

शोभायात्रा की शुरुआत कस्तूरबा विद्यालय परिसर से हुई। वहां से छात्राओं का दल थाना रोड होते हुए गोविंदपुर के मुख्य बाजार से गुजरा। बाजार में जगह-जगह लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए छात्राओं ने नारे लगाए और स्लोगन पढ़े।

“बाल विवाह को कहो ना”, “शिक्षा है हमारी असली शक्ति”, “छोटी उम्र में शादी नहीं, सपनों को दो ऊंची उड़ान” जैसे नारों से बाजार का माहौल गूंज उठा।
यात्रा का समापन पुनः विद्यालय परिसर में किया गया, जहां बालिकाओं ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे स्वयं भी बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाएंगी और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए जागरूक करेंगी।

वार्डन ने दिया प्रेरणादायक संदेश

विद्यालय की वार्डन बिंदु देवी ने मौके पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा,

“अक्षय तृतीया का दिन शुभ कार्यों के लिए जाना जाता है। ऐसे दिन हम सभी ने यह संकल्प लिया है कि बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से खत्म करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। शिक्षा ही बालिकाओं का सबसे बड़ा अधिकार और सबसे बड़ा अस्त्र है।”

स्थानीय लोगों ने की सराहना….
गोविंदपुर बाजार के व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का स्वागत करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया। कई जगहों पर लोगों ने ताली बजाकर और छात्राओं को प्रोत्साहित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रशासन और विद्यालय का सराहनीय प्रयास….
समाज में बाल विवाह के प्रति चेतना फैलाने के उद्देश्य से विद्यालय प्रशासन का यह कदम काफी सराहनीय रहा। लोगों ने उम्मीद जताई कि ऐसी पहलें आगे भी होती रहेंगी ताकि समाज को बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त किया जा सके।

“जब बालिकाएं खुद जागरूक होंगी, तभी समाज में बदलाव की सच्ची शुरुआत होगी।”

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